May 20, 2024
hanuman ji ki aarti

Hanuman Ji Ki Aarti | आरती और पढ़ने के लाभ

Hanuman Ji Ki Aarti. हिंदू धर्म में सबसे प्रतिष्ठित देवताओं में से एक, भगवान हनुमान लाखों लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखते हैं। भगवान राम के प्रति उनकी असीम भक्ति, अविश्वसनीय शक्ति और अटूट निष्ठा उन्हें भक्ति और धार्मिकता का प्रतीक बनाती है। हनुमान जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए, भक्त विभिन्न अनुष्ठान और प्रार्थनाएँ करते हैं, जिनमें से एक है “हनुमान जी की आरती”।

हनुमान जी की आरती की संरचना – Hanuman Ji Ki Aarti

हनुमान जी की आरती विभिन्न छंदों और भक्ति पंक्तियों से बनी है। यह आम तौर पर “ओम जय हनुमंत वीरा” से शुरू होता है और हनुमान के गुणों और दिव्य गुणों का गुणगान करता है। आरती हनुमान जी के प्रति भक्ति और कृतज्ञता व्यक्त करती है।

Lyrics of Hanuman Ji Ki Aarti

hanuman ji ki aarti

यहां हनुमान जी की आरती का पूरा पाठ है:

॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥
मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥
वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥

॥ आरती ॥
आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

दे वीरा रघुनाथ पठाए , लंका जारि सिया सुधि लाये ॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

लंका जारि असुर संहारे । सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे । लाये संजिवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

पैठि पताल तोरि जमकारे । अहिरावण की भुजा उखारे ॥
बाईं भुजा असुर दल मारे । दाहिने भुजा संतजन तारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें । जय जय जय हनुमान उचारें ॥
कंचन थार कपूर लौ छाई, आरती करत अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

जो हनुमानजी की आरती गावे । बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥
लंक विध्वंस किये रघुराई । तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
॥ इति संपूर्णंम्

How to Perform Hanuman Ji Ki Aarti

हनुमान जी की आरती करना एक सीधी लेकिन गहन आध्यात्मिक प्रक्रिया है। यहां आरती आयोजित करने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका दी गई है:

  1. तैयारी: स्वयं को और उस क्षेत्र को साफ़ करें जहाँ आप आरती करेंगे।
  2. दीपक जलाएं: घी का दीपक या कपूर का दीपक जलाएं।
  3. धूप अर्पित करें: धूप जलाएं और इसे देवता के सामने घुमाएं।
  4. Sing the Aarti: Sing Hanuman Ji Ki Aarti with devotion.
  5. दीपक को हिलाएं: जलते हुए दीपक को धीरे से देवता के सामने गोलाकार गति में घुमाएं।
  6. प्रसाद बांटें: आरती पूरी करने के बाद उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद बांट दें.

हनुमान जी की आरती पढ़ने के लाभ

माना जाता है कि इस आरती का नियमित पाठ करने से कई लाभ मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा
  • बाधाओं और चुनौतियों पर काबू पाना
  • किसी के संकल्प और समर्पण को मजबूत करना
  • अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आशीर्वाद

Hanuman Ji Ki Aarti in Modern Context

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में हनुमान जी की आरती की साधना अपना महत्व बरकरार रखती है। लोग अपने जीवन में सुरक्षा, शक्ति और मार्गदर्शन के लिए भगवान हनुमान का आशीर्वाद मांगते रहते हैं। आरती सांत्वना के स्रोत और अटूट भक्ति की शक्ति की याद दिलाने का काम करती है।

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निष्कर्ष

हनुमान जी की आरती परमात्मा से जुड़ने का एक कालातीत और शक्तिशाली तरीका है। इसकी समृद्ध प्रतीकात्मकता और गहरा आध्यात्मिक महत्व इसे लाखों भक्तों के लिए एक पसंदीदा अभ्यास बनाता है। आरती न केवल हनुमान के आशीर्वाद का आह्वान करती है बल्कि हमें अटूट भक्ति और विश्वास की शक्ति की भी याद दिलाती है।

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